शुक्रवार, मई 07, 2010

कवि लेखक ढाकवाला का दुर्घटना में निधन्

कवि लेखक ढाकवाला का दुर्घटना में निधन

प्रसिद्ध व्यंग्य लेखक कवि और मेरे दोस्त वरिष्ठ प्रशासंनिक अधिकारी जब्बार ढाकवाला और उनकी पत्नी तरन्नुम ढाकवाला का ऋषिकेश और टिहरी के बीच एक कार दुर्घटना में निधन हो गया है। डीएम टिहरी ने दुर्घटना स्थल से मिली डायरी में लिखे फोन नम्बर देख कर मुझे फोन पर खबर दी।
वे मेरे अभिन्नतम मित्र थे और अपने सारे सुख दुख मेरे साथ साझा करते थे। भोपाल की हज़ारों सांस्कृतिक शामें हम लोगों ने साथ ही गुज़ारी हैं। महफिल चाहे संगीत की हो साहित्य की हो नाटक की हो या चुनिन्दा फिल्में हों, हम साथ साथ ही जाते थे। भोपाल का शायद ही कोई होटल या रेस्त्राँ होगा जहाँ हम लोगों ने डिनर न किया हो। ढाकवाला दम्पत्ति मेरे जीवन का इतना बड़ा हिस्सा बन चुके थे कि लग रहा है तीन चौथाई तो मैं ही मर गया हूं। वे इतने अधिक सामाजिक और सहज थे कि उनके अन्दर अफसरी अभिजात्य का नामो निशान नहीं था। जिस कार्यालय में रहे उसके निहित स्वार्थों वाले मठाधीशों से कोई समझौता नहीं किया जिससे मनमाने आरोपों को भी झेला पर उसकी कोई परवाह नहीं की।
ऐसा लग रहा है कि मैं अपने आप को श्रद्धांजलि दे लूं।
वीरेन्द्र जैन
भोपाल 462023
मो. 9425674629

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत दुख हुआ यह जानकर। विनम्र श्रद्धांजलि।

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  2. ve mere bhi param mitr the. unka janaa mere liye bhi vyaktigat kshati hai. apne blo ''sadbhavana darpan''(http://girish-pankaj.blogspot.com) me maine ek lekh diyaa hai. samay nikal kar dekh lenge. ek achchhe lekhak aur manushya kaa achanak chalaa jana dukh mey dubo gayaa hai.

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  3. जब्बार ढाकवाला का जाना साहित्य जगत के लिए विशेषकर व्यंग्य विधा के लिए के लिए एक बड़ी क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि ।

    प्रमोद ताम्बट
    भोपाल

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