शुक्रवार, जुलाई 24, 2009

इंदिरा गाँधी की हत्या से भी भीषण हत्या

इंदिरा गाँधी की हत्या से भी भीषण हत्या
हरियाणा में कोर्ट द्वारा सुरक्छा देने के स्पष्ट आदेश के बाबजूद सगोत्र विवाह करने वाले युवक की सरे आम पीट पीट कर हत्या कर देने से हरियाणा में किसी सरकार के न होने का प्रमाण मिलता है और उस सरकार को अब एक पल भी बने रहने का अधिकार नहीं है क्योंकि वह न तो नागरिक अधिकारों की रक्छा करने में सफल हुयी है और न ही कोर्ट का आदेश पालन करवाने में ही सक्छम सिद्ध हुयी है । वैसे तो यह घटना हरियाणा की सरकार को बर्खास्त करने के लिए काफी है किन्तु अमेरिका की गुलामी में लगी सरकार को इतना होश कहाँ की वह नागरिक अधिकारों और न्यायलय के आदेशों के परिपालन पर ध्यान दे . लालगढ़ में जिस तरह राज्य सरकार की असमर्थता पर केंद्र ने सी आर ऍफ़ भेज कर आतंकियों पर हमले किये लगभग वैसे ही हालात इस समय भी हैं . यह समय है की जब देश के सारे सुशिक्छित आधुनिक और पढ़े लिखे लोगों को एक साथ उठ कर विरोध करना चाहिए क्योंकि भाजपा जैसे पोंगापंथी दल तो चुप्पी साध जायेंगे

2 टिप्‍पणियां:

  1. बेशक ये हत्या एक घिनौना कृ्त्य है किसी को ये हक नहीं बनता कि वो किसी के अपराध पर उसे मौत की सज़ा दे मान्यतायें धर्म और परंपरा अपनी जगह है कोई इसे मानता है या नहीं ये अलग बात है मगर किसी को इसके लिये बाध्य नहीं किया जा सकता उस युवक ने सही किया या गलत ैस पर दो रय हो सकती हैं मगर जो कुछ उसके हत्यारों ने किया उस पर दो राय नहीं हो सकतीं इस लिये उन लोगों को कडी से कडी सजा मिलनी ही चाहिये आभार्

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  2. lagta hai jaise jangalraj kaayam hota ja raha hai

    laahnat hai aisee hukoomat par
    jo apne naagrikon ki hifazat bhi nahin kar sakti

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